रोहित अवस्थी
देश में आम चुनाव और आईपीएल के बाद अब क्रिकेट विश्वकप का खुमार सर चढ़कर बोल रहा है। क्रिकेट के जनक इंगलैंड में 30 मई से शुरू हुए आईसीसी विश्वकप 2019 को लेकर सभी टीमों ने कमर कस ली है। अभ्‍यास मैचों में टीमों को इंग्लिश परिस्थितियों में ढलने का मौका मिला। असली आज़माइश अब शुरू हो चुकी है। टीम इंडिया अपने अभियान की शुरुआत 5 जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करेगी। इस बार विश्व कप मैच राउंड रॉबिन फॉर्मेट के तहत होने हैं। काफी हद तक इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में यह तो पता चल ही गया है कि सभी टीमों में कौन-कौन से ऐसे हरफनमौला खिलाड़ी हैं जो किसी भी समय मैच का परिणाम अपने पक्ष में करने का माद्दा रखते हैं। आइए, ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों पर नज़र डालते हैं।

 

भारत
टीम इंडिया इस समय विश्वकप की सबसे सशक्त दावेदार के रूप में उभरी है। नंबर 4 के बल्लेबाज की दुविधा को अगर छोड़ दिया जाये तो टीम काफी संतुलित लग रही है। टीम में महेंद्र सिंह धोनी जैसे विकेटकीपर के साथ-साथ धाकड़ बल्लेबाज, आलराउंडर और शानदार गेंदबाज भी शमिल हैं। इस विश्वकप में टीम में 3 ऐसे खिलाड़ी हैं जो कभी भी कोई भी चमत्कार दिखा सकते हैं।
कप्तान विराट कोहली
इसमें कोई शक नहीं कि भारतीय कप्तान विराट कोहली विश्वकप में काफी अहम होंगे, जिसमें उनके 11,000 रन पार करने की उम्मीद है और वह कुछ और शतक भी अपने 41 सैकड़ों में जोड़ना चाहेंगे। इंगलैंड में पिचें ‘पैनकेक’ की तरह सपाट होने वाली हैं जो भारतीय कप्तान की ऐशगाह बन सकती हैं। विराट की प्रतिभा का सभी टीमें लोहा मान चुकी हैं। वह किसी भी परिस्थिति में अकेले ही टीम को जिताने की कूवत रखते हैं।
जसप्रीत बुमराह
यह वह खिलाड़ी है जिसने पिछले एक साल में अपनी गेंदबाजी की बदौलत भारतीय टीम को जीत की राह दिखाई। पूरे मैच में करीब 150 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले बुमराह को बड़े-बड़े बल्लेबाज समझने में नाकामयाब रहे हैं। यह ऐसा गेंदबाज है जो शुरुआती बल्लेबाजों के लिये तो खतरा है ही, पुछल्ले बल्लेबाजों के लिये भी कहर बनकर आता है। बुमराह किसी भी टीम की बल्लेबाजी की कमर तोड़ सकते हैं।

हार्दिक पांड्या
हाल के समय में जितनी वाहवाही इस हरफनमौला खिलाड़ी ने बटोरी है शायद ही किसी और आलराउंडर ने बटोरी होगी। विवादों से छुटकारा मिलते ही हार्दिक ने मैचों में अपने अलग-अलग रंग दिखाये। छक्के उड़ाने की कला में माहिर पांड्या ने विश्वकप के दावेदारों की नींद उड़ा दी है। वहीं अपनी स्किड होती गेंदों से भी पांड्या बल्लेबाजों को परेशानी में डालने में सक्षम है।
इंगलैंड
जॉनी बेयरस्टो
विकेटकीपर-बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो एक ऐसा खिलाड़ी है जो विश्वकप में विपक्षी टीमों के लिये सिरदर्द बन सकता है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद हाल ही में पाकिस्तान के विरुद्ध एकदिवसीय सीरीज़ में बेयरस्टो ने शानदार शतकीय पारी खेली जिसकी बदौलत इंगलैंड ने सीरीज़ में बढ़त बनायी। बेयरस्टो ने 93 गेंदों पर 128 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके, 5 छक्के जड़े और 74 गेंद में शतक जड़कर विरोधियों को चेतावनी दी।
बेन स्टोक्स
बेंजामिन एंड्रयू स्टोक्स इंगलैंड टीम के लिये तुरुप का पत्ता हो सकते हैं। 27 वर्षीय स्टोक्स बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं जबकि दायें हाथ से गेंदबाजी में हाथ आज़माते हैं। एक ऑलराउंडर के रूप में पिछले कुछ समय से उन्होंने टीम में जगह पक्की कर ली है। वह बड़े शाॅट खेलने मे भी माहिर हैं।
न्यूज़ीलैंड
केन विलियमसन
माटिंन क्रो के बाद केन विलियमसन न्यूज़ीलैंड क्रिकेट टीम के सबसे शानदार और विस्फोटक बल्लेबाज़ हैं। ये वर्तमान में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के कप्तान भी हैं तथा इंडियन प्रीमियर लीग में डेविड वॉर्नर की जगह सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान भी रहे। विलियमसन लंबी पारियां खेलने में सक्षम हैं और विरोधी टीमें उन्हें जल्दी से जल्दी पैवेलियन वापस भेजना चाहेंगी। उन्हें एशियाई बल्लेबाजों की तरह स्पिन गेंदबाजी में भी महारत हासिल है।
ट्रेंट बोल्ट
बाएं हाथ के स्विंग गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट भी इस विश्वकप में बल्लेबाजों के लिये खतरा हो सकते हैं। इंगलैंड में अगर मैच के आसमान में बादल रहे तो इससे खतरनाक गेंदबाज़ और कोई नहीं होगा। वह हवा में दोनों अोर गेंद घुमाने में सक्षम हैं।
दक्षिण अफ्रीका
फॉफ डु प्लेसिस (कप्तान)
फाफ के नाम से मशहूर दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ऑर्थोडॉक्स बल्लेबाज़ी के लिये जाने जाते हैं। गेम बनाने में वह माहिर भी हैं। हालांकि, वह हार्दिक पांड्या या विराट कोहली की तरह धमाकेदार बल्लेबाज़ी तो नहीं करते मगर जैसे धीरे-धीरे अजगर अपने शिकार को लपेटता है उसी तरह वह दबाव में भी बल्लेबाजी कर लक्ष्य की अोर बढ़ते हैं। ज़रूरत के मुताबिक बड़े शाॅट जमाने में भी वह माहिर हैं।
कगिसो रबाडा
यह गेंदबाज अपनी आग उगलती और उछाल भरी गेंदबाज़ी के लिए सुर्खियों में हैं। भारत का दक्षिण अफ्रीका टूर हो या आईपीएल, रबाडा ने तेज़ गेंदबाज़ी से अपनी छाप छोड़ी और विश्व के सबसे तेज़ गेंदबाज़ बने। रबाडा में पारंपरिक रूप से गेंद को स्विंग करने की क्षमता है। इसके अलावा क्रॉस सीम से गेंद फेंककर विकेट लेने की कला भी उनमें है। वह गेंद को रिवर्स-स्विंग भी करा सकते हैं जो पुछल्ले बल्लेबाजों का आसानी से सफाया कर सकती है।
ऑस्ट्रेलिया
स्टीवन स्मिथ
एक समय शोहरत की ऊंचाइयां छूने वाले आस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ की एक साल के बैन के बाद क्रिकेट में वापसी हुई है। गेंद से छेड़छाड़ करने में भागीदारी के आरोप में उन्हें बैन का सामना करना पड़ा। मगर इसके बाद आईपीएल से क्रिकेट में धमाकेदार वापसी के बाद उन्होंने आने वाले विश्वकप के लिये अपनी मंशा जगजाहिर कर दी है। वह विरोधी गेंदबाजों के लिये खतरा हैं।
डेविड वार्नर
डेविड वार्नर ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे यादगार डेब्यू किया। बिना एक भी प्रथम श्रेणी मैच खेले उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 में उतारा गया, जहां उन्होंने 43 गेंदों पर 89 रन बना डाले थे। हालांकि, उनका अनियंत्रित गुस्सा उनकी कमज़ोरी है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज़ पर भी स्मिथ गेंदबाजी प्रकरण में संलिप्त पाये जाने पर एक साल का बैन लगाया गया। आईपीएल में वापसी के बाद उन्होंने दोबारा अपनी फॉर्म हासिल कर ली जो विपक्ष के लिये खतरे की घंटी है।
पाकिस्तान
शोएब मलिक
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान व अनुभवी ऑलराउंडर शोएब मलिक ने साफ कर दिया है कि ये उनका आखिरी विश्व कप होगा। वह ज़रूर चाहेंगे कि अपने आखिरी विश्व कप में पाकिस्तान खिताब जीते। शोएब मलिक पाकिस्तान के लिए पिछले 20 वर्ष से वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। उनका यही लंबा अनुभव उन्हें खास बनाता है। युवा खिलाड़ी भी उनके इर्द-गिर्द ही रणनीति बनायेंगे।
हसन अली
आधुनिक तेज़ गेंदबाज़ों की फेहरिस्त में हसन अली नंबर वन हैं। वह अपने स्मूथ एक्शन से बिना अधिक प्रयास के 150 की गति से गेंदबाजी कर सकते हैं। एक ही एक्शन से गेंद की गति में परिवर्तन उनका कारगर हथियार है। इंगलैंड की विकेटों पर वह काफी घातक सिद्ध हो सकते हैं। उनकी ऊर्जा और फाइटिंग स्पिरिट की प्रशंसा क्रिकेट विशेषज्ञों ने भी की है।
बांग्लादेश
तमीम इकबाल
उप-महाद्वीपीय आक्रामक सलामी बल्लेबाजों में तमीम का नाम वीरेंद्र सहवाग और सनथ जयसूर्या जैसे धाकड़ बल्लेबाजों के साथ लिया जाता है। 2007 के विश्वकप में भारतीय गेंदबाज ज़हीर खान को उसने इस तरह धोया था कि दर्शकों के ज़हन में अभी भी वह याद है। इसके बाद उसने मुड़कर नहीं देखा और बेहतरीन सलामी बल्लेबाज़ के रूप में अपना नाम कमाया। इंगलैंड के दौरे पर उन्होंने लॉर्ड्स में ऑनर्स बोर्ड में अपना नाम दर्ज किया और शतक बनाने वाले पहले बांग्लादेशी खिलाड़ी बने। वह इंग्लिश काउंटी खेलने वाले दूसरे बांग्लादेशी हैं।
रूबेल हसन
विश्वकप 2015 में इंगलैंड के विरुद्ध जब रूबेल हसन ने तेज गेंद से जेम्स एंडरसन के स्टंप्स बिखेरे तो बांग्लादेश ने पहली बार विश्वकप में नॉकआउट के लिए क्वालीफाई किया और रूबेल को एक तेज गेंदबाज़ के तौर पर ये पल जीवनभर याद रहेंगे। अपने विशेष एक्शन के चलते उन्हें ‘बांग्लादेश का मलिंगा’ उपनाम दिया गया। उन्हें एक टेलेंट हंट प्रोग्राम में देखा गया जहां उन्होंने स्पीड गन में टॉप किया था। वह वनडे में हैट्रिक लेने वाले तीसरे बांग्लादेशी गेंदबाज़ बने।
श्रीलंका
लसिथ मलिंगा
अपने अजीबोगरीब एक्शन और जानदार यार्करों के लिये मशहूर गेंदबाज़ लसिथ मलिंगा के पास अनुभव की कोई कमी नहीं है। मलिंगा इस बार चौथी बार अपनी टीम के लिए विश्व कप खेलने उतरेंगे। 35 वर्ष की उम्र में भी मलिंगा शानदार गेंदबाज़ी कर रहे हैं और इसका बेहतरीन उदाहरण इस बार का आइपीएल सीज़न था। उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए अच्छी गेंदबाज़ी की और फाइनल मैच की आखिरी गेंद पर विकेट लेकर अपनी टीम को चौथी बार चैंपियन बनाया। मलिंगा विश्व कप में काफी अहम साबित होंगे। यार्कर किंग के नाम से मशहूर मलिंगा का वनडे में कमाल का गेंदबाज़ी रिकॉर्ड रहा है। मलिंगा की गेंदबाज़ी तो टीम के लिए अहम है ही इसके साथ ही उनका अनुभव टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए काफी मददगार साबित होगा।
एंजेलो मैथ्यूज
मैथ्यूज़ पिछले दिनों श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के बीच तनातनी के कारण काफी विवादों में रहे और उन्हें इस कारण टीम से बाहर भी रहना पड़ा। लेकिन विश्व कप के लिये चयनकर्ताअों ने उन्हें नजरअंदाज नहीं किया। मैथ्यूज ऑलराउंडर के तौर पर अपनी टीम के लिए बेहद उपयोगी हैं। मैथ्यूज़ के पास दो विश्व कप खेलने का अनुभव है और यह उनका तीसरा विश्व कप होगा। वह टीम की कप्तानी भी कर चुके हैं और टीम के मौजूदा कप्तान की मदद करने की भी काबिलियत रखते हैं। वह वनडे के मंझे खिलाड़ी हैं।
अफगानिस्तान
राशिद खान
क्रिकेट इतिहास के सबसे युवा कप्तान बनने का श्रेय तो उन्हें हासिल है ही, विश्वभर के बल्लेबाजों के आगे अपनी फिरकी गेंदबाज़ी का भी वह लोहा मनवा चुके हैं। आईपीएल में वह हैदराबाद से खेले और शानदार गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया। वह अकेले अपनी घूमती गेंदों के बल पर टीम को किसी भी कठिन परिस्थिति से निकाल सकते हैं या दूसरी टीम को परेशान कर सकते हैं।
मोहम्मद नबी
इंडियन प्रीमियर लीग 2019 के 11वें मैच में हैदराबाद की अोर से खेलते हुए ऑफ स्पिनर मोहम्मद नबी का अहम रोल रहा। अफगानिस्तान के इस ऑलराउंडर पर इस विश्वकप में कई दिग्गज खिलाड़ियों की निगाहें होंगी। उनकी सीधी निकली खास गेंद बड़े-बड़े बल्लेबाज़ों को दिक्कत में डाल सकती है।
वेस्टइंडीज़
आंद्रे रसेल : विंडीज के पास ऑलराउंडर खिलाडि़यों की फौज है, जो किसी भी टीम को मुश्किल में डालने का माद्दा रखती है। वेस्टइंडीज टीम में ऐसे ही सबसे खतरनाक खिलाड़ी हैं आंद्रे रसेल। इस आइपीएल सीज़न में गेंदबाजों के छक्के छुड़ाने वाले रसेल अब विश्वकप के लिए तैयार हैं। रसेल ने 52 मैचों में 998 रन बनाए हैं, उनका स्ट्राइक रेट भी 130 का है। बड़े लक्ष्य का पीछा करने में रसेल माहिर हैं। इस हरफनमौला खिलाड़ी पर टीम काफी हद तक निर्भर रहेगी।
क्रिस गेल
इनका सिर्फ नाम ही काफी है। क्रिस गेल जब बल्लेबाजी करते हैं तो गेंदबाजों के पास करने के लिए कुछ नहीं रह जाता है। ओपनर गेल का यह आखिरी विश्व कप है। गेल के नाम 288 वनडे में 10151 रन दर्ज हैं। इस दौरान उन्होंने 25 शतक लगाए हैं। उनकी फिटनेस एक मुद्दा हो सकता है।
विश्वकप में इन टीमों में होगी जंग

  1. इंगलैंड : इयोन मोर्गन (कप्तान), मोइन अली, जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम कर्रन, जो डेनली, एलेक्स हेल्स, लियाम प्लंकेट, आदिल राशिद, जो रूट, जेसन रॉय, बेन स्टोक्स, डेविड विल्ली, क्रिस वोक्स और मार्क वुड।
  2. भारत : विराट कोहली (कप्तान), जसप्रीत बुमराह, युजवेंद्र चहल, शिखर धवन, एमएस धोनी (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, केदार जाधव, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), भुवनेश्वर कुमार, हार्दिक पांड्या, केएल राहुल, मोहम्मद शमी, विजय शंकर, रोहित शर्मा और कुलदीप यादव।
  3. न्यूजीलैंड : केन विलियमसन (कप्तान), टॉम ब्लंडेल (विकेटकीपर), ट्रेंट बोल्ट, कॉलिन डी ग्रैंडहोम, लॉकी फर्गसन, मार्टिन गुप्टिल, मैट हेनरी, टॉम लाथम (विकेटकीपर), कॉलिन मुनरो, जिमी नीशम, हेनरी निकोल्स, मिशेल सेंटनर, ईश सोढ़ी, टिम साउथी और रॉस टेलर।
  4. दक्षिण अफ्रीका : फॉफ डु प्लेसिस (कप्तान), हाशिम अमला, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), जेपी डुमिनी, एइडन मार्करम, डेविड मिलर, लुंगी एनगिडी, एनिच नॉर्टे, एंडिले फेहलुकवायो, ड्वाइन प्रीटोरियस, कगिसो रबाडा, तबरेज शम्सी, डेल स्टेन, इमरान ताहिर और रस्सी वैन डेर डूसन।
  5. ऑस्ट्रेलिया : एरोन फिंच (कप्तान), जेसन बेहरेनडॉर्फ, एलेक्स केरी (विकेटकीपर), नाथन कूल्टर-नाइल, पैट कमिंस, उस्मान ख्वाजा, नाथन लियोन, शॉन मार्श, ग्लेन मैक्सवेल, झे रिचर्डसन, स्टीव स्मिथ, मिशेल स्टार्क, मार्कस स्टॉयनिस, डेविड वार्नर और एडम जांपा।
  6. पाकिस्तान : फखर जमां, इमाम उल हक, बाबर आजम, हारिस सोहेल, आसिफ अली, शोएब अली, मोहम्मद हफीज, सरफराज अहमद (कप्तान), इमाद वसीम, शादाब खान, वहाब रियाज, मोहम्मद आमिर, हसन अली, शाहीन अफरीदी, मोहम्मद हसनैन।
  7. बांग्लादेश : मशरफे मुर्तजा (कप्तान), अबू जैद, लिटन दास (विकेटकीपर), महमुदुल्लाह, मेंहदी हसन, मोहम्मद मिथुन (विकेटकीपर), मोहम्मद सैफुद्दीन, मोसद्देक हुसैन, मुशफिकुर रहीम (विकेटकीपर), मुस्ताफिजुर रहमान, रूबेल हुसैन, सब्बीर रहमान, सौम्या सरकार और तमीम इकबाल।
  8. श्रीलंका : दिमुथ करुणारत्ने (कप्तान), एंजेलो मैथ्यूज, लसिथ मलिंगा, तिसारा परेरा, कुसाल परेरा, धनंजय डिसिल्वा, कुसाल मेंडिस, इसुरू उडाना, मिलिंदा सिरिवर्धने, अविष्का फर्नांडो, जीवन मेंडिस, लाहिरू तिरिमन्ने, जैफरी वेंडरसे, नुवान प्रदीप, सुरंगा लकमल ।
  9. अफगानिस्तान : गुलबदीन नैब (कप्तान), मोहम्मद शाहजाद (विकेटकीपर), नूर अली जादरान, हजरातुल्लाह जजई, रहमत शाह, असगर अफगान, हशमतुल्लाह शाहीदी, नजिबुल्लाह जादरान, समीउल्लाह शिनवारी, मोहम्मद नबी, राशिद खान, दौलत जादरान, आफताब आलम, हामिद हसन और मुजीब उर रहमान
  10. वेस्टइंडीज़ : जेसन होल्डर (कप्तान), आंद्रे रसेल, एश्ले नर्स, कार्लोस ब्रेथवेट, क्रिस गेल, डेरेन ब्रावो, एविन लिविस, फेबियन एलेन, केमार रोच, निकोलस पूरन, ओशाने थॉमस, शाइ होप, शैनन गैब्रियाल, शेल्डन कॉट्रेल और शिमरोन हेटमायर।

The post आईपीएल के बाद विश्वकप का ख़ुमार appeared first on दैनिक ट्रिब्यून.



from दैनिक ट्रिब्यून http://bit.ly/2IbS2jC
via Latest News in Hindi

0 Comments