यह सच है कि महिलाओं में संवेदनशीलता, धीरज, बहुमुखी प्रतिभा और एक आंतरिक शक्ति होती है, जो उन की प्रगति में मददगार साबित होती है. ये सभी गुण उन्हें कौरपोरेट जगत की ऊंची सीढि़यां चढ़ने के काबिल बनाते हैं. ‘नाइन’ की सीईओ भी अपने इन्हीं गुणों के कारण जानी जाती हैं. उन से हुई बातचीत के कुछ अंश इस तरह हैं:

आप की सफलता का क्या राज है?

एक मजबूत विश्वास कि मैं इस काम को 100 प्रतिशत प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कर सकती हूं. यह विश्वास ही मेरी सफलता का राज है, साथ ही मेरी मां, जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया और मुझे बच्चों की तरफ से चिंतामुक्त रखा.

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कामकाजी महिलाओं को किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है?

जब महिलाओं के काम की बात आती है, तो ऐसा सुनने को मिलता है कि मैरिड वूमन अपनी नौकरी के प्रति प्रतिबद्ध नहीं होती है या बच्चों के साथ औफिस में अच्छी परफौर्मैंस नहीं दे पाती है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है, बल्कि वह अपना 100 प्रतिशत देने के लिए अधिक परिश्रम करती है और यह साबित करती है कि वह भी उतनी ही सक्षम है जितने कि औफिस के बाकी लोग. सामाजिक तौर पर भी महिला के साथ पक्षपात होता है. महिला के कैरियर को इतना महत्त्वपूर्ण नहीं समझा जाता है. एक महिला से घर व समाज की अपेक्षाएं कहीं अधिक होती हैं, इसलिए उस के लिए संतुलन बना कर चलना बहुत जरूरी है. चाहे घर हो या औफिस कोशिश करें कि आप अपने लिए भी समय निकाल सकें.

परिवार का कितना सहयोग मिलता है?

मेरे मातापिता ने हमेशा मुझ पर विश्वास किया. मेरे द्वारा किए गए सभी कठिन फैसलों में मेरा समर्थन किया. मेरी मां ने मुझे काम और मदरहुड के बीच संतुलन बनाने में मदद की. मैं ने संघर्ष भी किया जब बच्चे बहुत छोटे थे और काम की वजह से घंटों उन से दूर होने की वजह से वे मुझ से नाराज हो जाते थे. जब वे 3 साल के थे (जुड़वां बेटे) मैं ने काम से डेढ़ साल ब्रेक लिया, क्योंकि मैं मातृत्व के एहसास के साथ उन पलों को जीना चाहती थी. इन पलों को साथ बिताने की वजह से हम तीनों के रिश्ते में मजबूती आई. आज मैं जो भी करती हूं उस पर मेरे बच्चों को गर्व होता है और औफिस से आने के बाद वे जानने को उत्सुक रहते हैं कि मैं ने क्या किया है या मैं क्या कर रही हूं. हमारा रिश्ता बहुत मजबूत हो गया है. यह बहुत जरूरी है कि आप अपने बच्चों के साथ बात करें और उन्हें समझाने की कोशिश करें कि आप क्या करती हैं.

आप की इनर स्ट्रैंथ क्या है?

विनम्रता और किसी भी काम को करने का विश्वास कि मैं कुछ भी कर सकती हूं. ये 2 बातें मुझे बहुत ताकत देती हैं. मैं किसी भी काम, टास्क या लोगों को उन की सफलता से नहीं आंकती हूं. मैं सभी के साथ एकजैसी रहती हूं और हर चीज के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देती हूं.

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ग्रामीण इलाकों में अब तक सैनिटरी पैड के इस्तेमाल को ले कर बहुत कम जागरूकता है, इस बारे में क्या कहना है?

गांवों के साथसाथ शहरों में भी स्थिति खराब है, लेकिन गांवों में ज्यादा बुरा हाल है. महिलाएं इस समय पुराने कपड़े यूज करती हैं, जिस से संक्रमण की संभावना अधिक होती है. हम सैनिटरी पैड के पक्ष में इसलिए हैं ताकि संक्रमण की घटनाओं को कम किया जा सके. यहां जागरूकता में कमी मानसिक अवरोध के कारण भी हो सकती है, क्योंकि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए 30-40 रुपए खर्च करने बहुत ज्यादा लगते हैं.

मैंस्ट्रुअल हाइजीन अवेयरनैस के बारे में क्या सोचती हैं?

इस विषय पर नाइन सैनिटरी नैपकिन ज्यादा से ज्यादा महिलाओं और पुरुषों को इस से जोड़ना चाह रहा है ताकि वे अपने आसपास के लोगों को स्वच्छ रहने व सामान्य रूप से जीवन व्यतीत करने के लिए शिक्षित कर सकें और बता सकें कि इस समय असहज नहीं, बल्कि स्वतंत्र रहें.

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आज भी महिलाएं पीरियड्स पर बात करने में झिझकती हैं. आप इस बारे में महिलाओं से क्या बोलना चाहेंगी?

यह एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है जो हर महिला के जीवन का अहम हिस्सा है. जब महिलाएं फर्टिलिटी और पीरियड के होने का जश्न मना सकती हैं, तो पीरियड के बारे में बात करने में शरमाती क्यों हैं? जब सिर में दर्द है या सर्दी है बोला जा सकता है, तो पीरियड हो रहा है, ऐसा क्यों नहीं बोला जा सकता है? मैं ऐसा मानती हूं कि प्रजनन क्षमता का संकेत किसी के लिए भी शर्मनाक नहीं होना चाहिए.

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