डिजिटल डेस्क, लखनऊ। लोकसभा चुनाव के चार चरण पूरे हो चुके हैं। चुनाव का 5वां चरण 6 मई,  6वां चरण 12 मई तो नहीं 7वां चरण 19 मई को है। वाराणसी में 19 मई को चुनाव होने हैं, लेकिन इस बार चुनाव में कुछ दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है, क्योंकि इस सीट से कुल 102 प्रत्याशियों ने नामांकन भरा है। चुनाव आयोग का कहना है यदि उम्मीदवारों की संख्या 64 से ज्यादा रही तो मजबूरन बैलैट पेपर से चुनाव करवाना पड़ेगा। पीएम मोदी की संसदीय सीट वाराणसी में नामांकन के आखिरी दिन तक 102 प्रत्याशियों ने पर्चा भरा है। नामांकन की आखिरी तारीख 29 अप्रैल तक कुल 71 लोगों ने अपना पर्चा जमा किया, चुनाव प्रत्याशियों की इतनी लंबी सूची देखकर चुनाव अधिकारी भी हैरान रह गए। बता दें कि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 2 मई है, चुनाव आयोग ने कहा, यदि चुनाव वापसी की तारीख तक नामों की संख्या 64 तक नहीं हुई तो मजबूरन वाराणसी लोकसभा सीट से मतदान बैलैट पेपर से करवाना पड़ेगा। नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय, सपा से शालिनी यादव व बीएसएफ जवान तेज बहादुर सिंह, मशहूर हॉकी खिलाड़ी व पद्मश्री मो. शाहिद की बेटी हिना शाहिद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से सुरेंद्र, रामराज्य परिषद से श्रीभगवान पाठक, भारतीय इंसाफवादी पार्टी से मिर्जापुर के जयप्रकाश, राष्ट्रीय बंधुत्व पार्टी से जम्मू के छज्जू राम गुप्ता, और लोकप्रिय समाज पार्टी  से रोहनिया के छेदीलाल शामिल थे, वहीं तेलांगना से आए हल्दी किसानों के प्रतिनिधि कुंटा गंगाराम मोहम रेड्डी के साथ-साथ कई किसानों ने भी पर्चा भर हैरान कर दिया है। साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी अतीक अहमद का नामांकन उनके भतीजे शहनवाज आलम ने दाखिल किया है। बता दें कि इनमें से कितने उम्मदीवार अपना नाम वापस लेंगे और किन लोगो का नामांकन रद्द होगा। चुनाव में केवल 4 यूनिट ईवीएम लगाई जा सकती हैं, एक ईवीएम में 16 नाम होते हैं, यदि उम्मीदवारों की संख्या 64 से ज्यादा रही तो मजबूरन मतदान बैलेट पेपर से करवाना पड़ेंगे।

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