क्‍या आपके पैर हर वक्‍त बहुत ठंडे रहते हैं। तो इसका मतलब है कि आपके पैरों में Blood का Circulation ठीक से नहीं होती और ना ही ऑक्‍सीजन वहां तक पहुंच पा रही है।

हांलाकि, अगर पांव लगातार ठंडे ही रहते हैं, तो यह कुछ गंभीर शारीरिक समस्‍या का संकेत भी हो सकता है, जैसे एनीमिया, लगातार थकान, तंत्रिका क्षति, मधुमेह, हाइपोथायरायडिज्म, रोग और हाइपोथर्मिया। अगर आप बहुत ज्‍यादा शराब पीते हैं या स्‍मोकिंग करते हैं या फिर आपके शरीर में किसी पोषण की कमी है तो भी आपके पैर हर वक्‍त ठंडे बने रह सकते हैं। अगर ठंडे पैरों के साथ साथ आप लगे कि आपके पैरों का रंग पीला पड़ रहा है, झुनझुनी, घाव या छाले, त्‍वचा कड़ी हो रही है तो तुंरत ही डॉक्‍टर को दिखाएं। आज हम आपको कुछ सिंपल से घरेलू तरीके बता रहे हैं, जिसका आजमा कर आप अपने पैरों में रक्‍त संचार बढ़ा कर उसे गर्म रख सकते हैं।

गरम तेल से करें

मसाज ठंडे पैर को गरम तेल (जैतून, नारियल या तिल) से मालिश करें। इससे पैरों में रक्‍त संचार बढ़ेगा और पैर गर्म हो जाएंगे। उसके बाद मोजे पहन कर सो जाएं। ऐसा रोज रात को सोने से पहले करें और अगर दिन में जरुरत पड़े तो भी कर सकते हैं।

हाइड्रो थैरेपी यानी जलचिकित्सा

इस थैरेपी में ठंडे और गरम, दोनों तरह के पानी का प्रयोग होता है। आपको पहले ठंडे पानी में पैरों को 2 मिनट तक डुबो कर रखना होगा। फिर पैरों को 1 मिनट के लिये गरम पानी में डुबोना होगा। ऐसा ही 15-20 मिनट तक करते रहें। फिर पैरों को तौलिये ये पोछ कर मोजे पहन लें।

पैरों की 3 एक्‍सरसाइज

1. दोनों पैरों की उंगलियों के बल पर 1 मिनट तक खड़े हों, फिर धीरे से अपनी एडियों पर वापस जमीन पर आइये। ऐसा 10 मिनट तक कीजिये। 2. बैठ कर दोनों पैरों के पंजों को घंडी की सूइयों की तरह 10-20 बार घुमाइये। 3. अपने पैर के पंजे की मदद से जमीन पर पड़ा कोई रूमाल उठाने की कोशिश करें।

मैग्नीशियम सल्फेट का प्रयोग

एक टब में गर्म पानी लें और इसमें आधा कप मैग्नीशियम सल्फेट घोलें। इस पानी में 15 से 20 मिनट तक पैरों को डुबोकर रखें। हफ्ते में दो बार इस विधि को अपनाएं, फायदा मिलेगा।

अदरक

2 कप पानी में 1 चम्‍मच अदरक के टुकडे को 10 मिनट तक उबाल कर छान लें। फिर उसमें शुद्ध शहद मिला कर 2 या 3 बार दिन में पियें।



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