आपकी राय
भरोसा मिले
देश में कोरोना वायरस ने जब दस्तक दी थी, तब केंद्र सरकार ने लॉकडाउन का फैसला लिया, इस कारण सारा देश थम-सा गया था। अब सरकारें देश की अर्थव्यवस्था के पहिए को गतिमान देने के लिए धीरे-धीरे देश को लॉकडाउन मुक्त करने के प्रयास कर रही हैं, लेकिन मजदूरों की घर-वापसी के कारण सभी राज्यों के उद्योग-धंधे मजदूरों की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं। राज्यों की सरकारें प्रवासी श्रमिकों के लिए उनकी आर्थिक, सामाजिक और इनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे ताकि भविष्य में कोई भी आपदा आने पर ये लोग प्रभावित न हों।
राजेश कुमार चौहान, जालंधर
समानता का तकाजा
दैनिक ट्रिब्यून में प्रकाशित लेख ‘महिला प्रधान न्यायाधीश के इतंजार में देश का’ विषय विचार-विमर्श करने वाला है। जब-जब महिलाओं ने देश की बागडोर अपने हाथों में ली है तब-तब उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। देखना यह है कि क्या सुप्रीम कोर्ट में महिला प्रधान न्यायाधीश बन पाती है या नहीं। पदोन्नति देने की सिफारिश करने का अधिकार इस न्यायपालिका के हाथों में ही है। इसलिए लैंगिक न्याय दिलाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने वाली न्यायपालिका को ही इस दिशा में पहल करनी होगी।
संदीप कुमार, चंडीगढ़
खाद्यान्न की रक्षा
गेहूं के बंपर उत्पादन में मध्यप्रदेश ने पंजाब को पछाड़ दिया है, यह किसानों की मेहनत व मौसम के रहम के कारण ही संभव है। वहीं दूसरी तरफ गेहूं, प्याज जैसी आवश्यक फसलें बारिश के कारण सड़-गल व बेकार हो रही हैं। वहीं भूख मिटाने को यही अनाज लोगों को नसीब नहीं हो रहा है। गेहूं, प्याज जैसी सभी फसलों को बचाने के लिए अवश्यंभावी उपाय किए जाने चाहिए। अगर इन महत्वपूर्ण फसलों को नहीं बचाया गया तो बंपर उत्पादन के क्या मायने।
हेमा हरि उपाध्याय, उज्जैन, म.प्र.
The post आपकी राय appeared first on दैनिक ट्रिब्यून.
from दैनिक ट्रिब्यून https://ift.tt/2UxeSZS
via Latest News in Hindi
0 Comments