गांधीवाद की प्रासंगिकता
पूरी दुनिया में मौजूदा हालात में गांधीवाद अधिक प्रासंगिक हो गया है। पूरी दुनिया के सांस्कृतिक व राजनीतिक संगठन महात्मा गांधी के मानवतावादी दर्शन को तरजीह दे रहे हैं। जिसमें नैतिकता और लोककल्याण के दर्शन का समावेश है। यही दर्शन युद्ध उन्माद, नस्लीय घृणा व तानाशाही का समाधान है।
कुलदीप सिंह बुआना, किठानिया

पाक से नरमी क्यों
ऐसे वक्त में जब देश कोरोना संकट से जूझ रहा है पाक सीमावर्ती इलाकों में लगातार गोलाबारी कर रहा है। रोज नागरिक व हमारे सैनिक हमलों के शिकार हो रहे हैं, जिसके लिए पाक अपने रिहायशी इलाकों की आड़ ले रहा है। यह वक्त पाक को सबक सिखाने का है। ताकि वह दुबारा ऐसी हरकत न कर सके।
अक्षित तिलकराज गुप्ता, रादौर

अपूरणीय क्षति
सुशांत राजपूत की आत्महत्या ने एक बात उजागर कर दी है कि चमक-दमक की इस मायावी दुनिया में कितना खोखलापन है। उसका यूं चले जाना बॉलीवुड और उसके चाहने वालों के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
विनय मोहन, खारवन, जगाधरी

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