नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (एजेंसी)
कोरोना महामारी के कारण गेंदबाज अब क्रिकेट गेंद पर थूक नहीं लगा सकेंगे, लिहाजा उसे चमकाने के लिये कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है। इसे दूसरे शब्दों में गेंद से छेड़खानी भी कह सकते हैं। ‘ईएसपीएन क्रिकइन्फो’ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासक अंपायरों की निगरानी में गेंद को चमकाने के लिये कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की अनुमति देने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। खेल के नियमों के तहत हालांकि ये गेंद से छेड़खानी के दायरे में आता है। हालांकि आईसीसी की मुख्य कार्यकारियों की समिति के एक सदस्य ने यह कहने से इनकार कर दिया कि इस तरह की चर्चा होगी और सिर्फ यह खुलासा किया कि ‘गेंद पर थूक लगाने की बात पर वे विचार करेंगे, लेकिन ऐसा बाद में होगा, जब ऐसा लगेगा कि क्रिकेट की वापसी होने वाली है।’ आईसीसी की चिकित्सा समिति द्वारा यह मुद्दा उठाया गया कि थूक लगाना सुरक्षित नहीं है और क्रिकेट के शुरू होने से पहले इस पर चर्चा की जायेगी।
मिलती है रिवर्स स्विंग
टेस्ट क्रिकेट में गेंद की चमक काफी अहम होती है, क्योंकि इससे गेंदबाजों को गेंद स्विंग और रिवर्स स्विंग कराने में मदद मिलती है। अगर इस विकल्प को मंजूरी मिल जाती है तो यह बड़ी विडंबना होगी, क्योंकि गेंद पर रेगमाल रगड़ने की कोशिश में ही स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर को 2018 में एक साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा था।

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