शुक्र प्रदोष व्रत: आज राशि के अनुसार करें ये खास उपाय, दिन गुनी रात चौगुनी बढ़ेगी सुख-संपत्ति
आज माघ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और शुक्रवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि आज शाम 6 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। सभी जानते है की हर माह के कृष्ण औ शुक्ल, दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत होता है। सप्ताह के सातों दिनों में से जिस दिन प्रदोष व्रत पड़ता है, उसी के नाम पर उस प्रदोष का नाम रखा जाता है। आज शुक्रवार का दिन है। अतः आज शुक्र प्रदोष व्रत है। आज के दिन भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए और उनके निमित्त कुछ उपाय करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।आपको बता दूं किसी भी प्रदोष व्रत में प्रदोष काल का बहुत महत्व होता है। त्रयोदशी तिथि में रात्रि के प्रथम प्रहर, यानी शाम के समय को प्रदोष काल कहते हैं। हेमाद्रि के व्रत खण्ड-2 में पृष्ठ 18 पर भविष्य पुराण के हवाले से बताया गया है कि त्रयोदशी की रात के पहले प्रहर में जो व्यक्ति किसी भेंट के साथ शिव प्रतिमा के दर्शन करता है- वह सभी पापों से मुक्त होता है। इसके साथ ही आज पुनर्वसु नक्षत्र रात 12 बजकर 01 मिनट तक रहेगा। पुनर्वसु को 27 नक्षत्रों में से सातवां नक्षत्र माना जाता है | पुनर्वसु शब्द का अर्थ समझने के लिए सबसे पहले हमें वसु शब्द के अर्थ को समझना होगा | वसु को उप देवताओं के समान माना जाता है और वसु अपने आप में शुभता, उदारता, धन तथा सौभाग्य के स्वामी हैं | अतः पुनर्वसु नक्षत्र भी धन और सौभाग्य का सूचक है | इसका अर्थ है - पुन: धनी या सौभाग्यशाली होना | इस नक्षत्र में जन्मे जातक भी सौभाग्यशाली होने के साथ ही धार्मिक प्रवृत्ति के अच्छे स्वभाव वाले, प्रभावशाली और दयालु प्रवृत्ति के होते हैं | जानें आचार्य इंदु प्रकाश से राशिनुसार क्या उपाय करना होगा शुभ। from India TV: lifestyle Feed https://ift.tt/2S6QX2o
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