सौंफ दिखने में बिल्कुल जीरे के समान होता है। भारत में हर घर में भीनी खुशबू वाली सौंफ को जाना जाता है। सौंफ के दाने हरे और भूरे रंग के होते हैं। सौंफ एक प्रकार का मसाला है, जिसे भारतीय खाने में इस्‍तेमाल खाने में भी किया जाता है। सौंफ में कई औषधीय गुण मौजूद होते है, जिनका सेवन करने से स्वास्‍थ्‍य को फायदा होता है। सौंफ हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होती है। सौंफ में कैल्शियम, सोडियम, आयरन, पोटैशियम जैसे तत्व पाये जाते हैं। सौंफ का फल बीज के रूप में होता है और इसके बीज को प्रयोग किया जाता है। पेट की समस्याओं के लिए सौंफ बहुत फायदेमंद होता है। आइए जानते हैं सौंफ खाना स्वास्‍थ्‍य के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है।

कफ़ से निजात :

सर्दी में कफ की समस्या आम हो जाती है और आमतौर पर छोटे बच्चों को इससे कुछ ज्यादा ही परेशानी होती है। ऐसे में आपके किचन में रखी सौंफ इस समस्या से आसानी से छुटकारा दिला सकती है। सौंफ में एंटिबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो कफ जैसी छोटी-मोटी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकते है।

माउथ फ्रेशनर :

सौंफ का उपयोग आमतौर पर सांसों की ताजगी बनाए रखने के लिए किया जाता है। सौंफ के कुछ दानों को चबाने मात्र से ही आपकी सांसों की दुर्गंध दूर हो जाती है। सौंफ चबाने से मुंह में लार अधिक मात्रा में बनती है, जो बैक्टीरिया को दूर करने में मददगार साबित हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त सौंफ के गुण ये भी हैं कि यह मुंह के संक्रमणों से भी बचा सकती है।

आंखों की रोशनी बढाए :

आंखों की रोशनी बढ़ाने में विटामिन ए और विटामिन सी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। सौंंफ में विटामिन ए पाया जाता है। इस प्रकार सौंफ के सेवन से बढ़ती उम्र में भी आपकी आंखों की रोशनी प्रभावित होने से बच सकती है। अगर आपकी आंखों में जलन या फिर खुजली हो रही है, तो सौंफ की भाप आंखों पर लेने से राहत मिल सकती है। इसके लिए आप सौंफ को सूती कपड़े में लपेटकर हल्का गर्म करके आंखों को सेंक सकते है।

मासिक धर्म के दर्द से राहत :

मासिक धर्म की शुरुआत से पहले महिलाओं को तमाम छोटी-मोटी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मसलन पेट में दर्द और मरोड़ आदि जैसे लक्षण मासिक धर्म के शुरू होने से पहले सामने आते है। मासिक धर्म की इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने में सौंफ कुछ हद तक लाभकारी साबित हो सकती है। हालांकि, यह आवश्यक नहीं है कि इसका फायदा सभी को मिले, किसी को इससे लाभ हो सकता है और किसी को नहीं भी। यह व्यक्ति के शरीर पर निर्भर करता है।

दुरुस्त मस्तिष्क :

सेहतमंद शरीर के लिए मस्तिष्क का चुस्त-दुरुस्त होना भी आवश्यक है और इसमें सौंफ बड़ी भूमिका निभा सकती है। सौंफ में विटामिन-ई और विटामिन-सी पाए जाते है। विटामिन-सी ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करता है, जिससे बढ़ती उम्र में मस्तिष्क की समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती है। वहीं, विटामिन-ई एंटीऑक्सीडेंट के तौर पर काम करता है और ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस से कोशिकाओं को क्षति पहुंचने से रोकता है।



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