निरंतर स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल को सुनिश्चित करना है सरकार की प्राथमिकता

आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि भारत सरकार ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के जरिये बड़ा कदम उठाया है। सरकार की प्राथमिकता निरंतर स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल को सुनिश्चित करने की है। इस योजना के तहत 7 करोड़ घर एलपीजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब मुख्य काम घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी के निरंतर इस्तेमाल से स्वच्छ ऊर्जा को सुनिश्चित करना है। इसके लिए एलपीजी के रिफिलिंग को निरंतर जारी रखने की बात कही गई है। आर्थिक समीक्षा में यह भी कहा गया है कि 21.44 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचने के साथ ही भारत ने करीब 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
आर्थिक समीक्षा के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर भोजन पकाने के लिए एलपीजी की स्वीकार्यता है। भोजन पकाने के ईंधन के रूप में एलपीजी का इस्तेमाल बढ़ा है, रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि शहरों में भोजन बनाने के लिए एलपीजी ईंधन का एक प्राथमिक स्रोत है।
आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि सब्सिडी लिकेज को रोकने के लिए एलपीजी उपभोक्ता के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना (डीबीटीएल) जिसे ‘पहल’ के नाम से भी जाना जाता है, 15 नवंबर 2014 को देश के 54 जिलों में लॉन्च की गई थी। 5 मार्च 2019 के मुताबिक 24.39 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता अब इस योजना से जुड़ चुके हैं। समीक्षा में यह भी बताया गया है कि ‘पहल’ को गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ योजना के तौर पर दर्ज किया गया है।
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