वर्तमान समय में एक दूसरे से आगे निकलने की होड में लाइफ इतनी ज्यादा थकाऊ हो गई है कि हर किसी को बस चैन की नींद की तलाश रहती है। पूरा दिन ढेर सारा काम करने के बाद चैन की नींद लेने का मजा कोई बयान ही नहीं कर सकता है। कड़ी मेहनत के बाद बिस्तर पर लेटते ही नींद आपको अपनी आगोश में ले लेती है लेकिन कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जिनके लिए चैन की नींद पाना महज एक सपने की तरह ही होता है। आज चाहे बड़े, छोटे या मेट्रो शहर हो। हर जगह के लोग काम के दबाव और तनाव की वजह से शहरी लोग स्लीप डिस्ऑर्डर और इससे होने वाली गंभीर बीमारियों से बुरी तरह पीडि़त रहते है।

धनवान लोग तो यह सोचते है कि अगर कहीं मिले तो वह पैसे देकर नींद खरीद सकते। लेकिन अब उनका यह सोचना हकीकत बन गया है। जी हां, यह बिलकुल सच है। दरअसल लोगों को चैन की नींद देने के लिए मॉडर्न स्लीपिंग लैब तैयार की गई हैं। इन लैब्स में एक्सपट्र्स और डॉक्टर्स पेशेंट के नींद न आने के कारणों के बारे में पता कर उनके उपायों के बारे में बताते हैं। यहां पर डॉक्टर्स जीवनशैली में बदलाव कर चैन की नींद पाने के लिए कुछ सुझाव देते हैं।

कितना है खर्चा : आपको नींद क्यों नहीं आ पा रही है, इस बात का कारण पता लगाकर उसका निदान किया जाता है। स्लीपिंग लैब में आने वाले लोगों से उनकी दिनचर्या और खानपान के बारे में जानकारी ली जाती है। इसके बाद उस व्यक्ति का स्लीपिंग टेस्ट किया जाता है। इस पूरे ट्रीटमेंट में लगभग 15 से 25 हजार का खर्चा आता है।

क्या है प्रक्रिया : स्लीपिंग ट्रीटमेंट के तहत व्यक्ति को रात के 9 बजे के बाद लैब में बुलाया जाता है। लैब में आने के बाद उसे स्टैंडर्ड बैड पर लिटाया जाता है। जब उस व्यक्ति को नींद आ जाती है तो उसका स्लीपिंग टेस्ट किया जाता है। इस टेस्ट में दिमाग, सांस लेने में दिक्कत या अन्य किसी कारण की जांच की जाती है। टेस्ट के दौरान एक्स्पट्र्स व्यक्ति को निगरानी में रखते है और इसके बाद चैन की नींद पाने के लिए उसे बैड, तकिए और एनवायरमेंट के बारे में सुझाव देते हैं।

सक्सेसफुल है रिजल्ट : स्लीप स्टडी से अब तक 90 फीसदी लोगों को फायदा हुआ है। यहां आने वाले लोगों में 90 फीसदी लोग पहले टेस्ट के बाद ही बेहतर बदलाव महसूस करते हैं। केवल 10 फीसदी लोग ही दोबारा टेस्ट के लिए आते हैं।

तो अगर आप भी किसी वजह से चैन की नींद नहीं ले पा रहें हैं तो तैयार हो जाइए इस स्लीप टेस्ट के लिए। अनिद्रा जैसी समस्या को हल्के में न लें क्योंकि ये रोग आपको और भी कई तरह की अन्य बीमारियां को निमंत्रण दे सकता है।



from लाइफस्टाइल – Navyug Sandesh http://bit.ly/2wTpeal
via Latest News in Hindi

0 Comments