अचानक चक्कर आना या सिर चकराना कोई मामूली लक्षण समझकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। यह किसी गंभीर बीमारी के लक्षण भी हो सकते है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डाॅक्टर से मिलकर जांच करवानी चाहिए। अक्सर लोग सिर चकराने को उतनी गंभीरता से नहीं लेते हैं उन्हें इस बारे में गंभीरता से लेना चाहिए ,अचानक चक्कर आने के कई कारण होते है।

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गंभीर बीमारी –  हार्ट ब्लाॅक होना, स्ट्रोक, शुगर के गिरावट, ब्रेन टयूमर, दिल का दौरा ब्रेन हेमरेज आदि गंभीर बीमारी की शिकायत होने पर अचानक चक्कर आ सकते हैं।

रक्तचाप का बढ़ जाना या गिर जाना – एनीमिया, शरीर में आॅक्सीजन की कमी, रक्तचाप का बढ़ जाना या गिर जाना, थकान, तनाव आदि कारण से भी अचानक चक्कर आ सकते हैं.

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रक्त हृदय तक नहीं पहुंच पाने – अत्यधिक मानसिक तनाव, डर, दर्द, देर तक टी.वी देखने, बेहद थकान, देर तक एक ही तरह से खड़े रहने से भी अचानक चक्कर आ सकते हैं। खांसी के दौरे की वजह से शरीर के विभिन्न भागों से रक्त हृदय तक नहीं पहुंच पाने की वजह से भी अचानक चक्कर आ सकता हैं।

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कान में आवाज गूंजना – यह लक्षण ब्रेन टयूमर, मस्तिष्क के रक्त वाहिनी में खून जमने आदि के लक्षण हो सकते हैं। कान में आवाज गूंजने के साथ सिर चकराना, लेबिस्थिाइटिस (अंत कर्ण शोध) के लक्षण हो सकते हैं।

सरवाइवल अस्टियोअर्थराइटिस – 60 से ज्यादा उम्र के व्यक्ति को सिर को हिलाने या ऊपर नीचे देखने पर सिर चकराने लगे तो सरवाइवल अस्टियोअर्थराइटिस की शिकायत हो सकती हैं। सिर चकराना के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत  विधिवत डाॅक्टरी जांच करवानी चाहिए।

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रक्त में शर्करा की मात्रा – कई बार नींद से अचानक उठकर चलने पर भी चक्कर आ जाता है। मधुमेह के रोगी के रक्त में शर्करा की मात्रा कम हो जाने पर वह चक्कर खाकर गिर सकता है।

आंखों के सामने अंधेरा छा जाना – सुबह के वक्त अचानक चक्कर आने के पहले कुछ लक्षण दिखाई देते हैं। जैसे हाथ पैर में कमजोरी, शरीर के किसी हिस्से में झुरझुरी होना, आंखों के सामने अंधेरा छा जाना, बोलती बंद हो जाना, ऐसे व्यक्ति को बेहद कमजोरी महसूस होती है।

नाड़ी की गति – फर्श या जमीन हिलती-डुलती महसूस होती है वह गिर जाता है, उसका शरीर पीला सा पड़ जाता हैं, शरीर पसीने से तरबतर हो जाता है गिरने के बाद वह व्यक्ति कुछ देर के लिए बेहोश सा हो जाता है उसके नाड़ी की गति धीमी पड़ जाती हैं, नर्वस सिस्टम में प्राब्लम हो सकती है।

बीमारी का सही-सही पता – रक्तचाप नीचे गिर जाता है ऐसे में कभी-कभी मस्तिष्क के रक्त संचार ठीक से न पहुंच पाने की वजह से हार्ट अटैक, स्ट्रौक होने की संभावना रहती है। बीमारी का सही-सही पता लगाने के लिए ब्लड, यूरिन, स्टूल टेस्ट, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड आदि की जरूरत पड़ती है।

तुरंत डाॅक्टरी सहायता – सिर चकरा कर गिरे व्यक्ति को तुरंत डाॅक्टरी सहायता की आवश्यकता होती है। तुरंत सहायता न मिलने पर कुछ भी हो सकता है।

मरीज के कपड़े ढ़ीलें करें – मरीज के पास से भीड़ हटा दें, मरीज के कपड़े ढ़ीले कर दें, उसके जूते, जुराबें, टाई, शर्ट के ऊपर का बटन खोल दें।  चेहरे पर हल्के पानी के छिटें मारें, इससे मरीज को तुरंत होश आ जाएगा।

बिना समय गंवाएं – होश में आने के बाद मरीज को ग्लूकोज का पानी, फल का रस पिलाएं, मरीज को होश न आने पर तुरंत हाॅस्पिटल ले जाने की व्यवस्था करें, सुबह सिर में दर्द मिचली उल्टी तथा सिर में चक्कर महसूस करते हैं, तो बिना समय गंवाएं डाॅक्टर से मिलें।



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