मौसम्बी एक नीबू की तरह दिखने वाला लेकिन बड़े आकार का फल होता है। मौसम्बी खट्टा और मीठा फल है। मौसम्बी का नींबू की ही जाति का ही फल कहा जा सकता है। मौसम्बी बहुत लाभदायक होती है। मौसमी का फल नांरगी के बराबर आकार का होता है। मुम्बई और गुजरात में इसे मुसम्मी या मौसमी कहते हैं। उत्तर प्रदेश मे इसे मीठा नींबू कहते हैं। जबकि इसे अंग्रेज में इसे स्वीट लेमन (Sweet Lemon) कहा जाता है यानि मीठा नींबू। मौसमी का रस साबुन, शराब तथा अन्य पेयों में डाला जाता है। इसके छिलके से निकाला हुआ तेल जल्दी उड़ जाता है। इसलिए इसके तेल को जैतून के तेल के साथ मिलाकर उपयोग किया जाता है।

मौसम्बी का उपयोग पोषक आहार के रूप में होता है। मौसम्बी की तीन किस्में-नेवल, जुमैका और माल्टा हैं। मौसम्बी की कलम लगाने से आजकल इसकी अनेक उपजातियां हैं। नेवल किस्म अमेरिका में उत्तम मानी जाती है। माल्टा का छिलका व रस लाल रंग का होता है। मौसम्बी के फल एक-आधा महीना तक बिना बिगड़े ज्यों-के-त्यों बने रहते हैं। आईए जानते हैं मौसमी के रस के फायदे..

मौसम्बी में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है। मौसम्बी का रस पीने से स्किन में चमक आ जाती है और ढीली नहीं पड़ती है।

पीलिया के रोगी को मौसम्बी का जूस बहुत फायदा करता है। पीलिया के लक्षणों को कम करता है, लीवर का सुचारू रूप से काम करने में मददगार साबित होता है। डॉक्टर भी पीलिया रोगी को यह जूस पीने की सलाह देते हैं।

मधुमेह के रोगी को मौसमी के जूस में आंवला रस और शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पीना चाहिए, इससे ब्लड शुगर लेवल कण्ट्रोल में रहता है।

मौसम्बी का जूस गर्भावस्था में पीना बहुत अच्छा होता है क्योंकि इसमें कैल्शियम बहुत होता है।



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