डिजिटल डेस्क, कोलंबो। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि श्रीलंका में आतंकवादी हमलों का खतरा अभी भी बना हुआ है। अमेरिका की एक मीडिया रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया है कि जिस समूह के सदस्यों ने इस हमले को अंजाम दिया था उस समूह के सदस्य अभी भी वहां सक्रिय हो सकते हैं। बता दें कि ईस्टर के दिन श्रीलंका की चर्चों और होटलों में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे जिसमें 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे। कोलंबो में अमेरिकी दूतावास की प्रवक्ता नैन्सी वानहॉर्न ने कहा कि श्रीलंकाई सरकार के अनुरोध पर, अमेरिकी सुरक्षा विशेषज्ञ अपने श्रीलंकाई पार्टनरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अमेरिका का मानना ​​है कि हमले को अंजाम देने वाले समूह के सक्रिय सदस्य अभी भी बड़े पैमाने पर वहां मौजूद हो सकते हैं। इससे पहले लेवल 3 की ट्रेवल एडवाइजरी जारी की थी। जिसका अर्थ है कि श्रीलंका जाने वाले अमेरिकी अपनी यात्रा के बारे में फिर से विचार करें। इसके अलावा अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों के स्वेच्छा से श्रीलंका छोड़ने की अनुमति दी थी। श्रीलंकाई अधिकारियों ने कहा कि उनका मानना ​​है कि एक छोटा-सा स्थानीय आतंकवादी इस्लामिक ग्रुप जिसे नेशनल तौहीद जमात (NTJ) के नाम से जाना जाता है, हमले के पीछे था, जिसमें 253 लोग मारे गए और लगभग 500 लोग घायल हो गए। हालांकि, NTJ ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, श्रीलंका की स्थिति सबसे खराब है। मंगलवार को, इस्लामिक स्टेट (IS) ने एक वीडियो जारी कर हमलों की जिम्मेदारी ली थी। IS के वीडियो में कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई दे रही थे। IS ने कहा, ये वे लोग ते जिन्होंने इस हमले को अंजाम दिया। ये समूह के प्रति निष्ठा रखते थे।

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