डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद में ग्रीन कार्ड की जगह नई आव्रजन योजना 'बिल्ड अमेरिका वीजा' का प्रस्ताव रखा है। ये नई योजना योग्यता और मैरिट पर आधारित होगी। इससे ग्रीन कार्ड या स्थायी वैध निवास की परमिशन का इंतजार कर रहे अन्य देशों के पेशवरों और कुशल श्रमिकों को फायदा होगा। वैसे डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन के बीच चल रहे विवाद के कारण संसद में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलना कठिन है। अमेरिका हर वर्ष करीब 11 लाख विदेशियों को ग्रीन कार्ड देता है। इसके तहत इन लोगों को अमेरिका में स्थायी रूप से कार्य करने और रहने की अनुमति होती है।  ट्रंप चाहते हैं बड़ा बदलाव अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वे नए प्रस्ताव के तहत बड़ा बदलाव करना चाहते हैं। इससे योग्यता को वरीयता मिलेगी। उन्होंने कहा कि, अमेरिका हमेशा से विदेशियों का स्वागत करने वाला देश रहा है और आगे भी करता रहेगा।  इंग्लिश भाषा सीखनी होगी बिल्ड अमेरिका वीजा के तहत ग्रीन कार्ड के लिए विदेशियों को इंग्लिश भाषा सीखनी होगी। वहीं नागरिक शास्त्र की परीक्षा पास करनी होगी। यह प्रस्ताव अभी संसद में है और आगे मंजूरी मिलना मुश्किल है। संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है, वहीं सिनेट में रिपब्लिकन का नियंत्रण है। दोनों पार्टी के नेता इस प्रस्ताव को लेकर आपस में बंटे हुए हैं।  सीमा सुरक्षा को मजबूत करना नई आव्रजन योजना का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करना है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि, हम उन लोगों को मौका देना चाहते हैं जो नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी समझते हों। 

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