बाल कलाकार के रूप में अपने कैरियर को शुरू करने वाली रितिका श्रोत्री महाराष्ट्र के पुणे की हैं. बचपन से ही उन्हें अभिनय की इच्छा थी और इसमें साथ दिया उनके माता-पिता ने. 6 साल की उम्र से उन्होंने मराठी नाटकों में काम करना शुरू कर दिया था. इसके अलावा उन्होंने मराठी धारावाहिक और फिल्मों में काम किया है. अभिनय के साथ-साथ वो अपनी पढ़ाई भी कर रही हैं. उन्हें हर नया काम प्रेरित करता है और हर नयी भूमिका में वह अपना सौ प्रतिशत वचनबद्धता रखती हैं. यही वजह है कि उन्हें कई बड़े कलाकारों के साथ काम करने का मौका मिला हैस, इनमें मृणाल कुलकर्णी और माधुरी दीक्षित भी हैं. रितिका अपनी नई फिल्म ‘हृदयी वसंत फुलताना’ क साथ बड़े पर्दे पर आने वाली हैं. जिसके प्रमोशन को लेकर वो काफी उत्सुक हैं. फिल्म में वो गांव की एक एक मौडर्न लड़की की भूमिका में नजर आएंगी. हमने उनसे बात चीत की. पेश है हमारी बातचीत का कुछ अंश.

प्र. इस फिल्म में आपकी भूमिका क्या है?

इस फिल्म में मेरा नाम मीनाक्षी है, जो एक गांव की लड़की है. वह गांव की तरह बैकवार्ड विचारों की नहीं है. शहर की लड़की की तरह मौडर्न विचार रखती है. असल में आज के यूथ सोशल मीडिया पर अधिक जागरूक है, कई बार वे इसका गलत इस्तेमाल कर लेते है, जिसका प्रभाव उनपर पड़ता है. ये एक मनोरंजक फिल्म है. इस फिल्म के जरिये आज की युवाओं को संदेश देने की कोशिश की गयी है.

प्र. ये भूमिका आपके पिछले किरदार से कितना अलग है?

अब तक मैंने सिर्फ ग्लैमरस भूमिका निभाई थी, जिसमें इंग्लिश में बात करना, वैसे पोशाक पहनना था. इसमें मैंने टिपिकल गांव की लड़की की भूमिका नहीं निभाई, इसलिए ये चरित्र मेरे लिए चटपटा और चुनौतीपूर्ण रही है. असल में आज के यूथ किसी संदेश को सुनना नहीं चाहता. ऐसे में इसे मजेदार ढंग से दिखाने की कोशिश की गयी है, ताकि दर्शक इसे देखने आएं.

प्र. आपको अभिनय क्षेत्र में आने की प्रेरणा कहां से मिली?

मुझे बचपन से अभिनय का शौक था. मैंने 6 साल की उम्र से मराठी नाटकों में काम करना शुरू कर दिया था. इसके बाद मराठी धारावाहिक में काम करने का मौका मिला. उससे मेरी पहचान बनी और फिल्मों में काम मिलने लगा.

प्र. पहली फिल्म का मिलना कैसे संभव हुआ?

मेरी पहली मराठी फिल्म ‘स्लैम बुक’ थी, जिसमें मैंने मुख्य भूमिका निभाई थी. उस समय मैं मराठी धारावाहिक में काम कर रही थी. जिसमें मेरे अभिनय को फिल्म के निर्देशक ऋतुराज ढालगरे ने देखा और उन्हें मेरा काम बहुत पसंद आया. कई बार औडिशन हुए और अंत में मैं चुनी गयी और फिल्म सफल रही. इसके बाद मुझे फिल्म ‘बकेट लिस्ट’ भी मिली जिसमें मैंने माधुरी दीक्षित की बेटी की भूमिका निभाई थी. मुझे हर तरह की भूमिका निभाना पसंद है.

प्र. काम के साथ-साथ पढ़ाई को कैसे पूरा करती हैं?

मुझे अभिनय के अलावा स्क्रिप्ट राइटिंग और निर्देशक बनना पसंद है और उसी तरह से मैंने विषय भी लिए है. मैं एग्जाम से पहले पढ़ती हूं. अभी मैं कौलेज में पढ़ रही हूं. मैं पुणे में रहती हूं और शूटिंग के समय मुंबई आती हूं.

प्र. अब तक का सबसे बेस्ट कोम्प्लिमेट्स क्या मिला?

मैंने पुणे में एक नाटक ‘द लाइट कैचर’ में 9 अलग-अलग भूमिका निभाई है जिसे सभी ने पसंद किया है. ये नाटक कई फेस्टिवल में अवार्ड भी जीत चुकी है. इसमें मेरे काम को सभी ने सराहा है. इस नाटक का राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मंचन हो रहा है.

प्र. क्या कभी कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा?

नहीं, मुझे हमेशा काम का अच्छा माहौल मिला है. छोटी-छोटी कुछ घटनाओं के अलावा मुझे कुछ समस्या नहीं आई. मैं भी क्या सही या क्या गलत है, उसकी परख करना जानती हूं.

प्र. समय मिलने पर क्या करना पसंद करती हैं?

समय मिलने पर लिखती हूं.मैं एक डांसर भी हूं. मैंने भरतनाट्यम, लैटिन और सालसा सिखा है.

प्र. आपके यहां तक पहुंचने में माता-पिता का कितना सहयोग रहा है?

उन्होंने हमेशा ही सहयोग दिया है. जब मैं 6 साल की थी ,तबसे अभिनय कर रही हूं. उन्होंने हमेशा मेरे काम की सराहना की है और प्रोत्साहन दिया है. मुझे मुंबई छोड़ने हमेशा मेरे पिता आते थे और मेरी मां मेरे साथ शूटिंग तक रहती है. बड़ा भाई निहार भी मेरे काम से बहुत खुश है.

प्र. कितना संघर्ष रहा है?

मुझे धारावाहिक में काम आसानी से मिल गया था. इससे मुझे मराठी अच्छी फिल्में मिली और एक पहचान बनी. मैं सिर्फ मराठी ही नहीं,  अलग-अलग भाषा की फिल्मों, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर करना चाहती हूं. इसमें संघर्ष कई प्रकार के है, पर मैं इसे एन्जौय करती हूं.

प्र. फिल्म में अन्तरंग दृश्यों को करने में कितनी सहज हैं?

मुझे न्यूडिटी बिल्कुल पसंद नहीं. कभी ‘वल्गर’ दिखना नहीं चाहती. मुझे अच्छी और मनोरंजक फिल्म करने की इच्छा है, लेकिन अगर स्क्रिप्ट की डिमांड है, तो रोमांटिक दृश्य करने में कोई असहजता नहीं.

प्र. आप कितनी फैशनेबल और फूडी हैं?

फैशन मेरे लिए आरामदायक कपड़ों से है. मुझे अधिक कपड़े खरीदने का शौक नहीं. मेरी एक स्टाइलिस्ट है, उसके अनुसार कपड़े पहनती हूं.

मैं बहुत फूडी हूं. नौनवेज बहुत पसंद है. मेरे पिता और भाई दोनों ही बहुत अच्छा नौनवेज बनाते हैं.

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