‘खामोश’ भाजपा, शत्रुघ्न कांग्रेस में आये
भाजपा के स्थापना दिवस पर पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और फिल्मों के अपनी तरह के अनोखे सुपर स्टार शत्रुघ्न सिन्हा शनिवार विधिवत कांग्रेस का हिस्सा हो गए। पिछले कुछ महीनों में अपने बयानों से भाजपा को बेचैन करने वाले शत्रुघ्न सिन्हा कुछ रोज पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिल लिए थे और आज दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस का हाथ थाम लिया। कांग्रेस पहले ही शत्रुघ्न को स्टार प्रचारक बना चुकी है।
पिछले कोइ २८ साल से शत्रुघ्न भाजपा में थे। पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपयी से उनकी अच्छी पटती थी। वाजपेयी के कहने पर ही वे भाजपा में शामिल हुए थे और उनकी सरकार में केबिनेट मंत्री रहे। हालाँकि, पीएम मोदी की नीतियों से उनकी नहीं पटी और वे इस बारे में खुलकर बोलते भी रहे।
शत्रुघ्न ने इस मौके पर वाजपेयी, नानाजी देशमुख और आडवाणी का ख़ास तौर पर जिक्र किया। यह भी कहा ”सब जानते हैं आडवाणी जी का भाजपा में क्या हाल हुआ”। शत्रुघ्न ने कहा – ”लोक शाही को हमने धीरे-धीरे तानाशाही में (मोदी राज में) परिवर्तित होते देखा। भाजपा को बनाने वालों को मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया जिसकी एक भी बैठक तक नहीं हुई।
सिन्हा ने जसवंत सिंह, मुरली मनोहर जोशी, अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा और खुद से भाजपा में हुई ज्यादती का सिन्हा ने खासतौर पर जिक्र किया। वर्तमान मोदी सरकार को सिन्हा ने ”वन मैन शो” करार दिया और कहा कि इन सभी नेताओं की साफ़ छवि रही। ”हममें से किसी ने कोइ डील नहीं की राफेल में, फैक्टरी के लिए या किसी और चीज के लिए। फिर भी यह हालत हुई।” नोटबंदी की रातों-रात की पीएम मोदी की घोषणा उन्होंने तबाह करने वाला फैसला बताया। कहा, आज भाजपा प्रचार पर हज़ारों करोड़ खर्च कर रही लेकिन गरीब के लिए कुछ नहीं किया।
शत्रुघ्न ने कहा कि भाजपा में रहते हुए उन्होंने सच कहा। ”अगर सच कहना बगावत है तो हाँ, हम बागी हैं।” सिन्हा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की इस बात पर पूरी सहमती जताई की मोदी की नोटबंदी दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला है। कांग्रेस में आने पर शत्रुघ्न सिन्हा ने खुशी जताई और कहा लालू प्रसाद यादव की भी उनके कांग्रेस में आने पर सहमती रही है।
चर्चा है कि शत्रुघ्न सिन्हा अपनी मौजूदा सीट बिहार के पटना साहिब से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। पहले २८ मार्च को शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी और उन्होंने नवरात्र में कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान किया था। यदि उन्हें टिकट मिला तो पटना साहिब लोकसभा सीट से उनका मुकाबला केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद से हो सकता है।
राजनीतिक सफर
शत्रुघ्न सिन्हा के राजनीतिक सफर की शुरुआत १९८४ में हुई। साल १९९६ और २००२ में उन्हें एनडीए की ओर से वह राज्यसभा के लिए। साल २००३-०४ में कैबिनेट मंत्री बने। उसके बाद २००९ और २०१४ में बिहार की पटना साहिब सीट से वह सांसद चुने गए। उन्हें एक लोकप्रिय नेता माना जाता है।
The post ‘खामोश’ भाजपा, शत्रुघ्न कांग्रेस में आये appeared first on Tehelka Hindi.
from Tehelka Hindi http://bit.ly/2UzxFoJ
via Latest News in Hindi
0 Comments