गुरुग्राम, 2 जनवरी (हप्र)
सोहना नगर परिषद की सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों ने राजस्व विभाग तथा परिषद के अधिकारियों के चक्कर लगाना शुरू कर दिया है। ये लोग अपनी जमीन का राजस्व रिकार्ड खंगालकर वास्तविक मलकियत जांचने तथा परिषद के अधिकारियों से जमीन पर किए गए निर्माणों का भविष्य जानने के लिए दौड़-भाग कर रहे हैं। कई भूमाफिया परिषद की सरकारी जमीन पर प्लाॅटिंग करके लोगों को बेच चुके हैं।
भूमाफिया के हाथों ठगी का शिकार हुए लोगों की परेशानी ज्यादा बढ़ गई है। सोहना नगर परिषद कई साल पहले भी इन लोगों को जमीन पर से कब्जा छोड़ने का नोटिस जारी कर चुकी है, लेकिन बाद में मामला दब गया था। अब सरकारी जमीन की मैपिंग का कार्य शुरू हुआ तो पुनः कब्जाई जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया है। इन काॅलोनियों में जमीन खरीदने के बाद मकान बनाकर रह रहे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इन्होंने परिषद के अधिकारियों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। ये राजस्व पटवारी से अपनी जमीन की वास्तविक मलकियत का ब्योरा जुटा रहे हैं। विक्रम कश्यप के अनुसार वे करीब 20 साल पहले प्रॉपर्टी डीलर के झांसे में फंस गए थे, जिसने शामलात जमीन पर काॅलोनी काटी। उसके अनुसार तब प्लाॅट की रजिस्ट्री भी हो गई, लेकिन बाद में पता चला कि यह जमीन सरकारी है। अब फिर से इसी तरह की चर्चा है कि परिषद अपनी जमीन पर से कब्जा छुड़वाएगी। एक्सइएन अजय पंघाल ने बताया कि शामलात देह का जो क्षेत्र पहाड़ पर है उसमें पेड़ पौधे लगाकर उसे हरा-भरा बनाया जाएगा।

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