चुनाव समिति से अलग बैठक की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तंवर ने
हरीश लखेड़ा/ ट्रिन्यू
नयी दिल्ली, 26 सितंबर
हरियाणा विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के बावजूद प्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश संगठन में गुटबाजी यहां बृहस्पतिवार को खुलकर सामने आ गई। एक ओर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा यहां पंजाब भवन में चुनाव कमेटी के साथ पार्टी प्रत्याशियों से लेकर चुनावी रणनीति पर मंथन कर रहे थे, वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर काॅन्स्टीट्यूशन क्लब में समर्थकों के साथ बैठक में व्यस्त रहे। चुनाव के लिए कांग्रेस हाईकमान की ओर से गठित विभिन्न कमेटियों की अब तक हुई बैठकों में तंवर ने हिस्सा नहीं लिया है। तंवर ने अब दो टूक कह दिया कि वे इस तरह की बैठकों में शामिल नहीं होंगे। हालांकि सैलजा ने तंवर की बैठक को अनदेखा करते हुए कहा कि बैठक में कोई आए या न आए, हमें किसी भी व्यक्ति की बातों पर समय लगाने की जरूरत नहीं है।
बहरहाल, प्रदेश कांग्रेस विधानसभा चुनाव में जीतने वाले चेहरों पर दांव लगाएगी। प्रदेश चुनाव कमेटी की बैठक में तय किया गया कि जो भी नेता चुनाव जीतने की क्षमता रखता है उसे टिकट देने में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही नये चेहरों, जमीनी स्तर पर काम करने वालों, महिलाओं, युवा और अनुभवी नेताओं को भी तरजीह दी जाएगी। कांग्रेस अपने सभी मौजूदा विधायकों को टिकट देगी। माना जा रहा है कि 30 सितंबर से कांग्रेस अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करने लगेगी। इस बैठक के बाद सैलजा ने कहा कि अब चुनाव कमेटी की बात को पार्टी हाईकमान के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि 28 व 29 को कांग्रेस की प्रदेश स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होगी। इसके बाद केंद्रीय स्क्रींनिग कमेटी की बैठक होगी, उसी दिन से उम्मीदवारों के नामों का ऐलान होने लगेगा। बैठक में सुझाव दिए गए हैं, इसके बाद भी यदि कोई सुझाव देना चाहते हैं तो सील बंद लिफाफे में दे सकते हैं। चुनाव समिति की बैठक में सैलजा व हुड्डा के अलावा रणदीप सिंह सुरजेवाला, किरण चौधरी, कैप्टन अजय यादव, कुलदीप शर्मा, कुलदीप बिश्नोई, कर्ण दलाल, जयवीर बाल्मीकि समेत अधिकतर सभी सदस्य शामिल हुए।
इस तरह की बैठकों का कोई मतलब नहीं : तंवर
वहीं प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा व हुड्डा की बैठक के संबंध में तंवर ने कहा कि इस तरह की बैठकों का कोई मतलब नहीं है। क्योंकि जब रोहतक रैली में चुनाव घोषणा पत्र पढ़ लिया गया है, 4-4 उप मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान कर दिया गया है तो घोषणापत्र कमेटी का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में कुछ ऐसे लोग थे जिन्हें पिछले 5 वर्षों के दौरान मुझसे परेशानी हुई। अब भी यदि बैठक में जाता तो कुछ लोग मेरा चेहरा देखकर परेशान हो जाते। तंवर हमेशा पीड़ा हरने का काम करता है। इसलिए बैठक में जाकर किसी को पीड़ा कैसे देता। उन्होंने अपने समर्थकों को लेकर बुलाई बैठक पर कहा कि यह पहले से तय थी। इसे रद्द नहीं किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि मीटिंग में जाऊं या नहीं, ये मेरी मर्जी है। इन बैठकों में कुछ होने वाला नहीं है, उन्हें जहां राय देनी होगी दे देंगे।
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